पीएम ने कहा था कि ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’, लेकिन उनके एक दोस्त की संपत्ति कुछ ही सालों में 13 गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये हो गयी : खड़गे

नयी दिल्ली, 8 फरवरी (Swarnim Savera) ,,राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अडाणी समूह को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग की। उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में भाग ले रहे नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने अडाणी समूह से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति की संपत्ति दो-ढाई साल में 12-13 गुना बढ़ कर 12 लाख करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने इतनी तेज गति से संपत्ति बढ़ने पर सवाल करते हुए कहा कि अडाणी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित की जानी चाहिए तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा। उन्होंने सवाल किया कि सरकार जेपीसी के गठन से क्यों डर रही है? उन्होंने कहा कि लेकिन विपक्ष अपनी इस मांग को नहीं छोड़ने वाला है। खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि ‘‘न खाऊंगा न खाने दूंगा”, लेकिन उनके एक दोस्त की संपत्ति कुछ ही सालों में 13 गुना बढ़ गई। सभापति जगदीप धनखड़ ने खड़गे से कहा कि वह ऐसा आरोप नहीं लगाएं जिसे वह सत्यापित नहीं कर सकते हैं। धनखड़ ने कहा कि सदन में किसी को भी, किसी भी तरह के आरोप लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। खड़गे ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अडाणी समूह को भारी रकम कर्ज के तौर पर दी है और समूह उसी राशि से सार्वजिनक क्षेत्र के उपक्रमों को खरीद रहा है। खड़गे के भाषण के दौरान कई बार सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच टोकाटोकी हुई। खड़गे ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेता नफरत की बात करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में हाल में संपन्न ‘‘भारत जोड़ो यात्रा” का जिक्र करते हुए कहा कि 3600 किलोमीटर लंबी वह यात्रा किसी के खिलाफ नहीं थी बल्कि लोगों के विचारों को सुनने और उनकी बातों से मार्गदर्शन लेने के लिए थी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार सांसद और मंत्री भी हिंदू-मुस्लिम की बात करते रहते हैं।

‘अगर अनुसूचित जाति के सदस्य हिंदू हैं तो उन्हें मंदिर जाने की अनुमति क्यों नहीं’

खड़गे ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेता जाति, धर्म, भाषा आदि के नाम पर नफरत फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अनुसूचित जाति के लोगों की परेशानी पर ध्यान नहीं देते और उनके घरों में खाना खाकर केवल प्रचार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति के लोगों को मंदिर जाने पर प्रताड़ित करने की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर अनुसूचित जाति के सदस्य हिंदू हैं तो उन्हें मंदिर जाने की अनुमति क्यों नहीं होनी चाहिए। खड़गे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह नफरत फैलाने वाले लोगों को आखिर क्यों नहीं रोकते हैं? इस दौरान सभापति ने खड़गे को आगाह किया कि उन्हें प्रधानमंत्री जैसे पद के लिए चलताऊ शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

‘सरकार हमेशा चुनावी मोड में’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सरकार हमेशा चुनावी मोड में रहती है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि संसद जब चलती है, तब भी प्रधानमंत्री चुनावी रैली करते हैं। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र में रहने के दौरान भी प्रधानमंत्री ने उनके संसदीय क्षेत्र गुलबुर्गा में दो-दो बैठकें (सभाएं) कीं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद थे। खड़गे ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार बताती है कि वह आगे क्या करेगी और किस ढंग से देश को चलाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने कार्यों व उपलब्धियों को बताने के बदले पिछली सरकारों के कार्यों का जिक्र कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को गौर करना चाहिए कि 1947 में देश की क्या स्थिति थी और वह 2014 तक कितनी बदली थी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरों द्वारा किए गए कार्यों को भी श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बुनियाद नहीं होगी तो इमारत कैसे बनेगी। उन्होंने कहा कि लेकिन नींव जमीन के अंदर होती है और बाहर इमारत होती है जिसका उद्घाटन किया जा रहा है। खड़गे ने कहा कि सरकार समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की भावना को खत्म कर रही है और दोषारोपण दूसरों पर कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर जनता ने उनके मन-मुताबिक वोट नहीं दिया, उनकी सरकार नहीं बनाई तो वे विभिन्न सरकारी एजेंसियों का उपयोग कर अपनी सरकार बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच बोलने वालों को बोलने का मौका नहीं देती, सच लिखने वाले को लिखने का मौका नहीं दिया जाता, सच लिखने वाले पत्रकार को जेल भेज देते हैं और टीवी पर बहस में जो सत्यता की बात करता है, उसे हटा देते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा अन्य दलों को अपनी ओर करने के लिए तरह-तरह के उपाय करती है और उनकी पार्टी में जाते ही कलंकित व्यक्ति निर्मल हो जाता है।

‘जितना रोकेंगे, उतनी ही अधिक संख्या में लोग देखेंगे’

उन्होंने बीबीसी के विवादित वृत्तचित्र पर रोक लगाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि शाहरुख खान की फिल्म से साफ हो जाता है कि जितना रोकेंगे, उतनी ही अधिक संख्या में लोग देखेंगे। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार तमाम मोर्चों पर नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था लेकिन 50 लाख नौकरियां भी नहीं मिल पाईं। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में लाखों पद खाली है जिस वजह से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है।

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