माता-पिता ने रचा बच्ची की हत्या का षड्यंत्र, दुष्कर्म का आरोप लगाकर दूसरे के सिर मढ़ा मामला

भरतपुर /- भरतपुर संभाग में आने वाले करौली जिले के हिंडौन सिटी में 10 साल की मूक-बधिर बच्ची डिंपल मीणा की हत्या के मामले में भरतपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का खुलासा किया है। डिंपल मीना की हत्या माता-पिता और उसके मामा ने षड्यंत्रपूर्वक की थी। बाद में तीनों ने ललित मीणा नाम के व्यक्ति को मामले में फंसाने के लिए दुष्कर्म के बाद पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की बात कही।पुलिस जांच के दौरान मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुष्कर्म नहीं होना और बच्ची की मौत जहर से होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के माता-पिता और मामा के साथ सख्ती से पूछताछ की तो तीनों ने अपना जुर्म कबूल लिया।

जानकारी के अनुसार पीड़िता ने अपनी मां को दूसरे व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। उसके बाद पीड़िता और मां के बीच विवाद हुआ और पीड़िता नाराज होकर घर से चली गई और पेट्रोल डालकर आग लगा ली। पीड़िता के माता-पिता ने हिंडौन के सरकारी अस्पताल में उसे भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में उसे जयपुर में एसएमएस अस्पताल  रैफर किया गया। इलाज के दौरान तीनों ने षड्यंत्र रचकर फ्रूटी में जहर मिलाकर बच्चों की दूध वाली बोतल से बच्ची को पिलाया, जिसके चलते पीड़िता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि 9 मई को हिंडौन सिटी स्थित नई मंडी थाने पर सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और बच्ची के बयान दर्ज करने के प्रयास किए लेकिन बच्ची बयान देने की स्थिति में नहीं थी। इसके बाद बच्ची की हालत गंभीर होने पर जयपुर एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया गया। नई मंडी थाना पुलिस बच्ची के बयान लेने एसएमएसख् जयपुर भी गई लेकिन माता-पिता ने बाद में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही।

इसके बाद थाना टोडाभीम निवासी पीड़िता के पिता करन सिंह ने नई मंडी थाने में सोच-समझकर एक रिपोर्ट दी, जिसमें 9 मई की सुबह कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बच्ची को जलाकर रेलवे लाइन की तरफ भागना बताया गया। पिता की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस द्वारा बयान लिए जाने के दौरान पीड़िता ने एक व्यक्ति द्वारा पेट्रोल से जलाना बताया लेकिन दुष्कर्म जैसी बात का कोई जिक्र नहीं किया। 20 मई को पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और उसका पोस्टमार्टम मेडिकल से कलाकार शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता के अधजले कपड़े के टुकड़ों के साथ अन्य सबूत पेश जुटाकर परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ की और मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त की और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को जांच के लिए भेजा, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होना और मौत की वजह जहर का सेवन होना बताया गया।

इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की तो असली बात सामने आई। पीड़िता के माता-पिता और मामा ने साजिश रचकर पीड़िता को अस्पताल में जहर दिया और दुष्कर्म करके जलाने का आरोप लगाते हुए ललित मीणा के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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