भ्रष्टाचार किया तो जाएगी कुर्सी…’, CM विजय का मंत्रियों को सख्त अल्टीमेटम
चेन्नई : अभिनेता से राजनेता बने और तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री विजय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। राज्य में वित्तीय गड़बड़ी और रिश्वतखोरी को जड़ से खत्म करने के लिए विजय सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। हाल ही में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) के छह बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद सीएम विजय ने अपने ही मंत्रियों को ऐसा कड़ा संदेश दिया है, जिससे पूरे राजनीतिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मंत्रियों को सीएम की दो टूक, आरोप लगा तो छिनेगा पद
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विजय किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को खुली चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि अगर किसी भी मंत्री का नाम भ्रष्टाचार के मामले में सामने आता है, तो उसे तुरंत ही उसके पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ऐसे मामलों में किसी के साथ भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति पर काम कर रही है और राज्य की जनता को एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।
6 अधिकारियों पर गिरी गाज, अब छिन सकती है नौकरी
भ्रष्टाचार के खिलाफ विजय सरकार की इसी सख्त नीति का असर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन में देखने को मिला है। जीसीसी कमिश्नर समीरन ने वित्तीय गड़बड़ी और रिश्वतखोरी के आरोप में छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन तो महज एक शुरुआती कदम है। पूरे मामले की गहन जांच पूरी होने के बाद यह तय किया जाएगा कि इन दागी अधिकारियों को सेवा से पूरी तरह बर्खास्त किया जाए या फिर उन्हें वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने पर मजबूर किया जाए।

