लोकमंजरी का 35 वां स्थापना दिवस मना
नूतन देशमुख को मंजरी सम्मान
भिलाई। छत्तीसगढ़ी लोककला साहित्य और संस्कृति के संरक्षण संवर्धन एवं मौलिक अभिव्यक्ति के लिए प्रतिबद्ध अंचल की सुप्रसिद्ध संस्कृति संस्था लोकमंजरी का 35 वां स्थापना दिवस समारोह मंजरी निवास लोकनगर उमरपोटी में धूमधाम से मनाया गया। ख्यातिप्राप्त राष्ट्रीय चित्रकार एवं रंगकर्मी हरी सेन के मुख्यातिथ्य एवं संस्था की वरिष्ठ लोकगायिका पुष्पलता नेताम की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में प्रख्यात बैंजो वादक नूतनलाल देशमुख को मंजरी सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया ।सर्वप्रथम मां सरस्वती के तेल चित्र में माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया ।तत्पश्चात संस्था की नृत्यगुरु रामेश्वरी यादव द्वारा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। संस्था संयोजक पुन्नू यादव द्वारा लोकमंजरी की सतत कलायात्रा व भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया ।मुख्य अतिथि हरी सेन ने संस्था की प्रस्तावित क्षेत्रीय संग्रहालय की स्थापना को लेकर व्यापक कार्य योजना तैयार कर तत्संबंध में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया ।कार्यक्रम संयोजक टिकेश्वरी लाल देशमुख ने संस्था के सांगठनिक स्वरूप पर विचार मंथन के सुझाव दिए ।इस संगीतिक यात्रा में पुष्पलता नेताम, माधव कुशवाहा, वीरेंद्र शर्मा, लॉरेंस साहू व रामेश्वरी ने संगीत निर्देशक दुर्वासा टंडन व इकराज सिंह भामरा के निर्देशन में संस्था के शीर्षक गीत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से संस्था के लोकेश्वर साहू ,जगतपाल ,दिनेश साहू ,गौतम निर्मलकर ओमप्रकाश यादव सहित संस्था के कलाकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

