भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई ने स्वतंत्रता दिवस 2025 का आयोजन धूमधाम से किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई ने स्वतंत्रता दिवस 2025 का आयोजन अपने स्थायी परिसर में धूमधाम से किया। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने शैक्षणिक क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर छात्र, कर्मचारी और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान गाया गया और छात्रों एवं सुरक्षा कर्मियों द्वारा परेड किया गया।
प्रो. प्रकाश ने अपने संबोधन में देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीरों की बहादुरी और संकल्प को याद किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के नेताओं जैसे शहीद वीर नारायण सिंह, श्री हनुमान सिंह, शहीद वीर गुंडाधुर, शहीद श्री बिरसा मुंडा और श्रीमती राधा बाई के योगदान और बलिदान को विशेष रूप से उल्लेखित किया। उन्होंने इस बात पर भी गर्व व्यक्त किया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई निरंतर प्रगति कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत (विकसित भारत 2047) के सपने को साकार करने में योगदान दे रहा है। उन्होंने सभी को शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सेवा के लिए आर. पी. सिंह स्मृति पुरस्कार ओमेंद्र कुमार उपाध्याय और स्वर्णदीप कर को प्रदान किया गया। प्रो. प्रकाश ने ‘बायोडायवर्सिटी ऑफ IIT भिलाई’ नामक एक नई पुस्तक का भी विमोचन किया। यह पुस्तक संस्थान परिसर में पाए जाने वाले पौधों और जीवों का पहला विस्तृत अध्ययन है। यह अध्ययन Centre for Studies on Culture, Language, and Traditions द्वारा किया गया था, जिसमें परिसर में पाए जाने वाले 49 प्रकार के पक्षी, 44 प्रकार के वृक्ष, 28 प्रकार की औषधीय वनस्पतियाँ और खरपतवार, तथा 16 प्रकार की घासों का दस्तावेजीकरण किया गया है। समारोह का समापन छात्रों और संकाय व कर्मचारियों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग और उत्साहपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ।

