बिजली के दाम कम करने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने कांग्रेस बूथ स्तर से जिला स्तर तक चरणबद्ध तरीके से करेगी आंदोलन :- तारिणी चंद्राकर

धमतरी 01 Aug, 2026 (Swarnim Savera) /- धमतरी में कांग्रेस राज्य सरकार पर बिजली के दाम बढ़ाने, स्मार्ट मीटर की मनमानी और ‘400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू करने जैसे मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने जा रहीं हैं. जिसे लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर नें बताया की कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे तथा आम जनता के द्वारा बिजली के दाम बढ़ाने के विरोध में विरोध पत्र भरवायेंगे, बिजली के दाम बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग दो महिने तक करेंगे। दो माह पश्चात जिलों में भरवाये गये फार्म को लेकर जिले के बिजली दफ्तर का घेराव करेंगे एवं एकत्रित आवेदन जमा करायेंगे, पावती लेंगे। बिजली दफ्तरों के घेराव के बाद प्राप्त पावती को लेकर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज जी के नेतृत्व मे प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री भी है उनके निवास का घेराव करेंगे. जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर नें आगे कहा की भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है। बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। भाजपा से सरकार नहीं संभल नहीं रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है। सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा है। पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता। स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है। बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है। पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है। दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई। तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा। अडानी की कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाये गये है। आगे कहा की संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं, और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ताओं की सहमति या अनुमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर कानूनी है। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरिया क्यों लगाया जा रहा है? कांग्रेस मांग करती है कि बिजली के दाम घटाये जाये, 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाए। स्मार्ट मीटर वापस लिया जाए। जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने दूसरे प्रदेशों का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले।

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