नितिन और अमित अग्रवाल से पूछताछ में ईडी को मिले कई अहम सुराग…शहर के तीन लोग छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जाकर चला रहे है महादेव एप की आइडी

गिरफ्त से बचने के लिए पहले ये भूमिगत रहे। बाद में स्थिति सामान्य हुई तो यहां से भागकर आसपास के राज्यों में छिपकर करने लगे है काम

इन सट्टेबाजों के नाम और ठिकाने ईडी को मिल चुके हैं। लिहाजा जल्द ही इनके पकड़े जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

Rapur, /- महादेव सट्टेबाजी मामले में ईडी की गिरफ्त में आए और न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए हवाला कारोबारी नितिन टिबरेवाल और अमित अग्रवाल से ईडी को कई अहम जानकारी मिली है। इसके आधार पर सट्टेबाजी से जुड़े तीन और आरोपितों की ईडी तलाश कर रही है। ईडी के जानकार सूत्र बताते हैं कि तीनों आरोपित पत्थलगांव से आकर रायपुर शहर में ही निवास कर रहे हैं, और कुछ लोग रायपुर के निवासी हैं। ये सभी फिलहाल गायब हैं। ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया कि महादेव एप में गिरफ्तार किए गए दोनों हवाला कारोबारियों से पूछताछ हो चुकी है। इस दौरान मिले इनपुट के आधार पर आगे प्रकरण की जांच की जा रही है। महादेव एप के जरिए अर्जित ब्लैकमनी को खपाने वाले हवाला कारोबारी अमित अग्रवाल और कोलकाता के नितिन टिबरेवाल को 12 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दोनों को दो बार रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है।

आनलाइन महादेव बेटिंग एप के जरिए कमाए गए करोड़ों के कालेधन से शेयर खरीदने, दुबई में संपत्ति खरीदने में हवाला कारोबारी अमित अग्रवाल, नितिन टिबरेवाल से पूछताछ में ईडी को यह जानकारी मिली है कि शहर के तीन लोग महादेव एप की आइडी यहां से लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में काम कर रहे हैं। दरअसल जब ईडी की टीम ने महादेव एप से जुड़े सट्टेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू किया तो गिरफ्त से बचने के लिए पहले ये भूमिगत रहे। बाद में स्थिति सामान्य हुई तो यहां से भागकर आसपास के राज्यों में छिपकर काम करने लगे। इन सट्टेबाजों के नाम और ठिकाने ईडी को मिल चुके हैं। लिहाजा जल्द ही इनके पकड़े जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि इन तीनों बड़े सट्टेबाजों में एक महावीरनगर इलाके का कारोबारी है, फिलहाल इसका लोकेशन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में ट्रेस हुआ है।

महादेव आनलाइन सट्टेबाजी मामले में ईडी ने 19 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इसमें से एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, आरक्षक भीम सिंह, असीम दास और अनिल एवं सुनील दम्मानी जेल भेज गए गए हैं। वहीं सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, विकास छापरिया और सृजन एसोसिएट, पूनाराम वर्मा, शिवकुमार वर्मा, यशोदा वर्मा, पवन नत्थानी, रोहित गुलाटी, अनिल अग्रवाल, शुभम सोनी को आरोपित बनाया गया है। इन सभी को 24 फरवरी को कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराने कहा गया है।

ईडी की जप्त डायरी ने राज खोल दिया है, कमीशन के 2 सौ 96 करोड़ रूपए अधिकारी और कांग्रेस नेताओं ने आपस में बांटे ।
कोयला और शराब घोटाला मामले की जांच कर रही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने एंटी करप्शन ब्यूरो में दो पूर्व मंत्री, दो निलंबित आईएएस,दो वर्तमान आई ए एस पूर्व सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया, पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड, निलंबित आईएएस समीर बिश्नोई, रानू साहू, अनिल टुटेजा, पूर्व मंत्री कवासी लखमा, अमरजीत भगत, वर्तमान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, शिशुपाल सोरी, यू डी मिंज, पूर्व विधायक चिंतामणी महराज, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह , कांग्रेस नेता विनोद तिवारी समेत 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. कोयला घोटाले में 35 और शराब घोटाले में 70 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज किया गया है। साथ ही कई आई पी एस को जांच के घेरे में लेने की बात कही गई है।

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